कोरबा :-

हसदेव बांगो जलाशय में औचक निरीक्षण, प्रतिबंधित अवधि में मछली पकड़ने वालों को दी गई समझाइश

मत्स्य संरक्षण अधिनियम के तहत घोषित प्रतिबंधित अवधि के दौरान अवैध मत्स्याखेट पर रोक लगाने तथा जलीय जीवों के संरक्षण के उद्देश्य से मछली पालन विभाग, जिला कोरबा द्वारा लगातार निगरानी एवं कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में विभाग की विशेष टीम ने आज हसदेव बांगो जलाशय क्षेत्र का औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान टीम ने जलाशय के किनारे कुछ व्यक्तियों को गैर-कानूनी रूप से ‘गरी’ के माध्यम से मछली पकड़ते हुए पाया। विभागीय अधिकारियों ने तत्काल मौके पर पहुंचकर उन्हें रोकते हुए पूछताछ की। पूछताछ में संबंधित व्यक्तियों ने बताया कि उन्हें वर्तमान में लागू मत्स्याखेट प्रतिबंध की जानकारी नहीं थी। इस पर विभागीय अधिकारियों ने उन्हें मत्स्य संरक्षण के महत्व, प्रजनन काल के दौरान मछलियों के संरक्षण की आवश्यकता तथा प्रतिबंधित अवधि में मत्स्याखेट पर लगाए गए प्रतिबंध के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि प्रतिबंधित अवधि में किसी भी प्रकार का मत्स्याखेट पूर्णतः प्रतिबंधित है तथा यह मत्स्य संरक्षण अधिनियम के अंतर्गत दंडनीय अपराध है।
अधिकारियों ने संबंधित व्यक्तियों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि भविष्य में यदि कोई भी व्यक्ति प्रतिबंधित अवधि के दौरान मछली पकड़ते हुए पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध मत्स्य अधिनियम के प्रावधानों के तहत नियमानुसार कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी तथा जुर्माने सहित अन्य दंडात्मक प्रावधान लागू किए जाएंगे। मछली पालन विभाग ने जिले के नागरिकों एवं मछुआरा समुदाय से अपील की है कि वे मानसून के दौरान घोषित प्रतिबंधित अवधि का पूर्णतः पालन करें, ताकि मछलियों के प्रजनन एवं मत्स्य संसाधनों के संरक्षण में सहयोग मिल सके। विभाग ने यह भी बताया कि अवैध मत्स्याखेट पर रोक लगाने के लिए जलाशयों एवं अन्य जल स्रोतों में नियमित गश्त एवं औचक निरीक्षण की कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।