कोरबा :-
माय भारत युवा कार्यक्रम के अंतर्गत “विकसित भारत चैलेंज क्विज़” के माध्यम से युवाओं को अपने विचारों को रखने का सुनहरा अवसर

विकसित भारत चैलेंज क्विज विकसित भारत युवा संवाद (VBYLD) 2027 का पहला चरण है, जिसमें भाग लेकर युवा अपने विचार प्रधानमंत्री के सामने रख सकते हैं। जिसमे भाग लेने की अंतिम तिथि 30 सितंबर 26 तक है। यह क्विज मुख्य रूप से 15 से 29 वर्ष के युवाओं के लिए है। यह बात तिलक भवन कोरबा मे प्रेसवार्ता के दौरान माय भारत युवा कार्यक्रम के जिला नोडल अधिकारी सतीश प्रकाश सिंह एवं जिला युवा अधिकारी सुश्री ईशा गौतम ने दी। उन्होंने पत्रकारों को जानकारी देते हुए कहा के यह कार्यक्रम पूरी तरह से निःशुल्क होगा एवं इसमें हिस्सा लेने के लिए आधिकारिक MY Bharat Portal या MyGov Quiz वेबसाइट पर जाकर भाग ले सकते है। इस क्विज का उदेश्य वर्ष 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के दृष्टिकोण में देश के युवाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना और उन्हें राष्ट्र निर्माण से जोड़ना है। यह प्रश्नोत्तरी ‘विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग (VBYLD) 2027’ पहल का पहला और महत्वपूर्ण कदम है। वर्तमान मे कोरबा जिले के 41000 युवा इससे जुड़ गए है।
इस क्विज के प्रमुख उद्देश्यों को निम्नलिखित बिंदुओं के माध्यम से समझा जा सकता है :
युवाओं को मंच प्रदान करना:
देश के 15 से 29 वर्ष के युवाओं को भारत के भविष्य के लिए अपने अभिनव विचारों और रचनात्मकता को सामने रखने के लिए एक राष्ट्रीय मंच देना।
जागरूकता बढ़ाना:
पिछले 12 वर्षों में बुनियादी ढांचे, डिजिटल परिवर्तन, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, महिला सशक्तिकरण और नवाचार जैसे क्षेत्रों में देश की विकास यात्रा, उपलब्धियों और राष्ट्रीय मील के पत्थरों के बारे में सार्वजनिक जागरूकता बढ़ाना।
जिज्ञासा और ज्ञान का परीक्षण: 22 विभिन्न भाषाओं में आयोजित इस क्विज के माध्यम से युवाओं में देश की विरासत और विकास से जुड़ी जिज्ञासा जगाना तथा उनके सामान्य ज्ञान का परीक्षण करना।
प्रधानमंत्री से संवाद का अवसर: राष्ट्रीय स्तर पर सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले और चयनित युवाओं को माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के समक्ष अपने विचारों व योजनाओं को सीधे प्रस्तुत करने का ऐतिहासिक अवसर देना।
समावेशी और व्यापक प्रतिनिधित्व:
देश के हर राज्य और केंद्र शासित प्रदेश से युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करना ताकि भविष्य के शासन, शहरी विकास और जलवायु सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर एक मजबूत और समावेशी भारत की नींव रखी जा सके।
