कोरबा :-

जिले के प्रभारी सचिव डॉ. रोहित यादव पाली विकासखंड के अंतर्गत ग्राम पंचायत इरफ में आयोजित सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर में शामिल हुए। यहाँ उन्होंने कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत के साथ सभी विभागीय स्टॉलों का निरीक्षण किया और अधिकारियों को निर्देशित किया कि शासन की योजनाओं की जानकारी देने के साथ-साथ ग्रामीणों को योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि स्टॉलों में पहुँचने वाले प्रत्येक ग्रामीण को योजनाओं की विस्तृत जानकारी अवश्य प्रदान की जाए। ग्रामीणों को संबोधित करते हुए प्रभारी सचिव डॉ. रोहित यादव ने कहा कि शासन की मंशा है कि किसी भी ग्रामीण को योजनाओं का लाभ लेने और अपनी समस्याओं के निराकरण के लिए कार्यालय का चक्कर न लगाना पड़े। इसी उद्देश्य से हर वर्ष गर्मी के मौसम में शिविर लगाकर जनसमस्याएँ सुनी जाती हैं और उनका त्वरित निराकरण किया जाता है। उन्होंने कहा कि शिविर का उद्देश्य केवल समस्याओं का समाधान करना ही नहीं है, बल्कि विभागीय अधिकारियों द्वारा योजनाओं की जानकारी देकर अधिक से अधिक पात्र हितग्राहियों को योजनाओं से लाभान्वित करना भी है। उन्होंने ग्रामीणों से सुशासन तिहार अंतर्गत आयोजित शिविरों का अधिकतम लाभ लेने की अपील की।
प्रभारी सचिव डॉ. यादव ने ग्रामीणों को मुख्यमंत्री बिजली भुगतान समाधान योजना की जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर प्रदेश में 12 मार्च से इस योजना की शुरुआत की गई है। इसके अंतर्गत 28 लाख परिवारों के लगभग 900 करोड़ रुपये के बकाया बिजली बिल माफ करने का प्रावधान है। इस योजना में वे उपभोक्ता लाभान्वित हो सकते हैं जिनका बिजली बिल अधिक राशि के कारण लंबित है। वे अपना पंजीयन कराकर सरचार्ज माफी प्राप्त कर सकते हैं तथा मूल राशि को किश्तों में जमा करने का विकल्प भी उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि यह एक उत्कृष्ट अवसर है और इसका लाभ बिजली कार्यालय, बिल रीडर तथा बिजली एप के माध्यम से आसानी से लिया जा सकता है। उन्होंने ग्रामीणों को यह भी बताया कि समाधान योजना के तहत उन उपभोक्ताओं को भी सुविधा प्रदान की गई है जिनका बिजली कनेक्शन लंबे समय तक बिल जमा न होने के कारण बंद हो गया था और बकाया राशि अत्यधिक बढ़ गई थी। ऐसे उपभोक्ता योजना का लाभ उठाकर अपना कनेक्शन पुनः चालू करा सकते हैं।
ऊर्जा सचिव डॉ. यादव ने पीएम सूर्यघर योजना के संबंध में ग्रामीणों को अवगत कराते हुए कहा कि शासन द्वारा सोलर पैनल स्थापना पर सब्सिडी प्रदान की जा रही है। अपने घर की छत पर सोलर पैनल लगाकर न केवल बिजली बिल कम किया जा सकता है बल्कि उपयोग के बाद बची अतिरिक्त बिजली को बेचकर आय भी अर्जित की जा सकती है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों के माध्यम से उपलब्ध सभी योजनाओं की जानकारी लेकर उनका लाभ उठाने की अपील की।
कलेक्टर कुणाल दुदावत ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि शासन के निर्देशानुसार सुशासन तिहार के दौरान सभी अधिकारी जनसमस्या निवारण शिविरों में उपस्थित रहकर ग्रामीणों की समस्याओं के त्वरित निराकरण हेतु कार्य कर रहे हैं। शिविर में विभिन्न विभागों के स्टॉल लगाए गए हैं, जहाँ ग्रामीण योजनाओं की जानकारी लेकर उनका लाभ उठा सकते हैं। उन्होंने कहा कि शिविर में प्राप्त सभी आवेदनों का निराकरण प्राथमिकता के साथ सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने पीएम सूर्यघर योजना से अतिरिक्त बिजली बेचकर आर्थिक लाभ प्राप्त करने की जानकारी भी ग्रामीणों को प्रदान की। कलेक्टर ने बताया कि शिविर में आयुष्मान कार्ड तथा केसीसी बनवाने की सुविधा उपलब्ध है। उन्होंने महिलाओं को प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना की जानकारी देते हुए कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के माध्यम से पंजीयन कराया जा सकता है, जिसमें पात्र महिलाओं को डीबीटी के माध्यम से सीधे 6,000 रुपये की राशि प्रदान की जाती है। उन्होंने कृषि एवं उद्यानिकी विभाग की योजनाओं का लाभ लेने के लिए भी ग्रामीणों को प्रोत्साहित किया तथा आश्वस्त किया कि सुशासन तिहार के अंतर्गत प्राप्त सभी आवेदनों का समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। ग्राम इरफ की सरपंच श्रीमती रतन बाई कँवर ने सुशासन तिहार अंतर्गत उनके ग्राम पंचायत में जनसमस्या निवारण शिविर आयोजित होने को ग्रामवासियों के लिए अत्यंत लाभकारी बताया। उन्होंने शिविर में उपस्थित सभी अतिथियों और ग्रामीणों का स्वागत भी किया।
सिंचाई पंप, नवीन राशन कार्ड, ट्रायसिकल और श्रवण यंत्र सहित अन्य सामग्री का वितरण
इरफ के जनसमस्या निवारण शिविर में ग्रामीणों को शासन की विभिन्न योजनाओं के तहत लाभान्वित किया गया। हितग्राहियों को नवीन राशन कार्ड, ट्रायसिकल, डिजिटल किसान किताब, श्रवण यंत्र, सिंचाई पंप, जाल, आइस बॉक्स एवं पेंशन स्वीकृति पत्र प्रदान किए गए। शिविर में बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार भी संपन्न कराया गया।
स्टॉलों का निरीक्षण
प्रभारी सचिव डॉ. यादव ने इरफ के शिविर में लगाए गए विभागीय स्टॉलों का निरीक्षण किया। उन्होंने आयुष, स्वास्थ्य, मत्स्य, खाद्य, पशुधन, उद्यानिकी, वन, क्रेडा, आदिवासी विकास, शिक्षा, विद्युत तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के स्टॉलों का अवलोकन किया और आवश्यक निर्देश प्रदान किए।