कोरबा / बालको :
वेदांता समूह की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) में सामुदायिक विकास कार्यक्रम की ‘उन्नति परियोजना’ के अंतर्गत ‘उन्नति उत्सव’ का तीसरा वार्षिकोत्सव सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2024 के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम का उद्देश्य समुदाय की महिलाओं में उद्यमशीलता कौशल को बढ़ावा देना था। कार्यक्रम में प्रदर्शनी के माध्यम से उद्यमशीलता कौशल से संपन्न और स्वयं सहायता समूहों में संगठित महिलाओं द्वारा तैयार किए गए उत्पादों पर प्रकाश डाला गया, जिसमें सजावट की वस्तुओं, खाद्य पदार्थों तथा स्वास्थ्य और स्वच्छता उत्पादों की एक श्रृंखला शामिल थी। इस आयोजन में समुदाय की 650 से अधिक महिलाओं ने भाग लिया,जिन्हें वित्तीय आत्मनिर्भरता के लिए प्रोत्साहित किया गया।
उन्नति उत्सव के तीसरे वार्षिकोत्सव में समुदाय की महिलाओं के लिए विभिन्न खेल और सांस्कृतिक कार्यक्रम को शामिल किया गया। इस अवसर पर महिलाओं ने छत्तीसगढ़ के समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का जश्न मनाते हुए स्थानीय नृत्य कर्मा और राउत का प्रदर्शन किया। सामाजिक मुद्दों के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए उन्होंने महिला सशक्तिकरण, माहवारी स्वास्थ्य प्रबंधन, उद्यमिता और लड़कियों की शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों को संबोधित करने वाले नाटकों और प्रदर्शनों का मंचन किया।
प्रभावशाली नाटकों, सांस्कृतिक प्रदर्शनों, पुरस्कार समारोह और स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) के स्टालों के साथ मनोरम प्रदर्शनी की विशेषता वाले उन्नति उत्सव में 1000 से अधिक व्यक्तियों ने भागीदारी की। आयोजन ने एसएचजी की महिलाओं के लिए प्रचार और कमाई के अवसर प्रदान करने का मंच भी दिया जिन्होंने आम आगंतुकों के लिए खुली प्रदर्शनी में अपने हस्तनिर्मित भोजन और सजावट की वस्तुओं के साथ स्टॉल लगाए थे।
‘उन्नति’ बालको की प्रमुख सामुदायिक विकास परियोजना है जो महिला स्व-सहायता समूहों (एसएचजी) को सशक्त बनाने और संगठित करने तथा उद्यमिता एवं स्थायी आजीविका के निर्माण के लिए उनकी क्षमताओं और कौशल का सम्मान करते हुए उन्हें निखारने पर केंद्रित है।बालको ने प्रोजेक्ट उन्नति के तहत गोंकरा लोक कला (छत्तीसगढ़ की स्थानीय कला), छत्तीसा (स्थानीय व्यंजन), मिट्टी की मूर्तियाँ, भित्ति कला, मशरूम की खेती, पेपर बैग सहित 12 उत्पादों की पेशकश करने वाली 7 सूक्ष्म उद्यम इकाइयाँ स्थापित की हैं। सामुदायिक और सामाजिक सेवाओं के लिए समर्पित एक गैर-सरकारी संगठन (एनजीओ) जीपीआर स्ट्रैटेजीज़ एंड सॉल्यूशंस (जीपीआरएसएस) के साथ साझेदारी में चल रही इस परियोजना ने बालको के आसपास के समुदाय में 5700 से अधिक महिलाओं को प्रभावित किया है। उन्नति परियोजना और आयोजना की सराहना करते हुए, बालको मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक श्री राजेश कुमार ने कहा कि बालको समुदाय की महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण, वित्तीय साक्षरता, बाजार से जुड़ाव प्रदान करके उनकी आत्मनिर्भरता एवं सशक्तिकरण की यात्रा में सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि प्रोजेक्ट उन्नति के माध्यम से हमारा लक्ष्य महिलाओं के वित्तीय सशक्तिकरण को बढ़ावा देना है, जिससे वे समाज के भीतर अपनी व्यक्तिगत पहचान स्थापित कर सकें और अपने परिवार, समाज और राष्ट्र की उत्तरोत्तर प्रगति में योगदान कर सकें।
प्रेरणादायक लोगों को उनके सामाजिक योगदान के लिए सम्मानित किया गया

बालको ने स्वास्थ्य, शिक्षा, कौशल और स्थायी आजीविका पर बालको की विभिन्न सामुदायिक विकास परियोजनाओं के तहत सामाजिक कार्यों में उल्लेखनीय योगदान के लिए समुदाय के 16 लोगों को सम्मानित भी किया। समुदाय में सकारात्मक बदलाव लाने जैसे माहवारी संबंधित मिथकों को दूर करने से लेकर व्यक्तियों को स्थायी आजीविका, आवश्यक कौशल और मुफ्त में प्राथमिक शैक्षणिक सहायता प्रदान करने के उनके प्रेरक प्रयासों के लिए सम्मानित किया गया।
समुदायिक स्वास्थ्य एवं कल्याण के लिए एक नई मोबाइल हेल्थ वैन (एमएचवी) लॉन्च

कंपनी ने समुदाय के स्वास्थ्य एवं कल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाते हुए कार्यक्रम के दौरान मोबाइल हेल्थ वैन (एमएचवी) पहल के तहत दूसरा वैन भी लॉन्च की। ‘उपचार आपके द्वार’ थीम पर हर 15 दिनों में स्वास्थ्य शिविर और परामर्श सेवाओं के माध्यम से वैन 47 से अधिक समुदाय को स्वास्थ्य सेवा प्रदान कर रहा है।
कोरबा जिले के मुख्य स्वास्थ्य एवं चिकित्सा अधिकारी (सीएचएमओ) श्री एस.एन. केसरी ने एमएचवी के लॉन्च की सराहना करते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल का अधिकार है। नागरिकों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। बालको द्वारा लॉन्च की गई दूसरी मोबाइल हेल्थ वैन से दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों को स्वास्थ्य सेवाओं में मदद मिलेगी।
बालको अपने सामुदायिक विकास कार्यक्रमों के माध्यम से छत्तीसगढ़ के 4 जिलों कोरबा, कवर्धा, सरगुजा और रायपुर सहित 123 गांवों में सालाना 1.5 लाख से अधिक लोगों तक लाभ पहुंचा रहा है। बालको सामुदायिक विकास परियोजनाओं का उद्देश्य शिक्षा, स्थायी आजीविका, स्वास्थ्य, जल एवं स्वच्छता, महिला सशक्तिकरण, पर्यावरण, खेल और सांस्कृति संरक्षण के साथ सभी के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना है। सामुदायिक संपत्ति सृजन जैसे वन तालाब कुआं आदि सामुदायिक विकास परियोजनाओं में शामिल है।
उन्नति उत्सव के दौरान समुदाय में उल्लेखनीय कार्य करने हेतु सम्मानित व्यक्तियों की कहानियाँ

1. भाग्य श्री
सामाजिक कार्यकर्ता भाग्य श्री ने कोरबा ब्लॉक में 5वीं से 10वीं कक्षा तक के छात्रों के लिए मुफ्त कोचिंग सेंटर की स्थापना करके शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है। उन्होंने अपने आसपास के गांवों में साक्षरता दर को बढ़ाने के साथ कई युवाओं को शिक्षा के लिए प्रोत्साहित भी किया है। बालको का प्रोजेक्ट कनेक्ट कक्षा में सीखने के माध्यम से अपने ग्रेड में सुधार करने, शैक्षणिक प्रशिक्षण पर शिक्षकों को तैयार करने और अपने अनुभवी कर्मचारी स्वयंसेवकों के माध्यम से छात्रों को कैरियर परामर्श सेवाएं प्रदान करने पर काम करके 9वीं-12वीं कक्षा के छात्रों के लिए सरकारी स्कूलों में सीखने के माहौल को बेहतर बनाने पर केंद्रित है।
2. इंदिरा कंवर
आर्थिक हालात की वजह से इंदिरा 10वीं कक्षा के बाद उच्च शिक्षा हासिल करने में असमर्थ थीं। उन्होंने वेदांत स्किल स्कूल (बालको सेंटर) के होटल प्रबंधन ट्रेड में 45 दिनों का निःशुल्क प्रशिक्षण लिया। स्किल स्कूल एक अनूठा संस्थान है जो स्थानीय युवाओं को रोजगार योग्य और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए तकनीकी शिक्षा और व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान करता है। इंदिरा को छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के होटल डब्ल्यू कैन्यन में काम करने का अवसर मिला। वर्तमान में इंदिरा प्रति माह ₹22,000 से अधिक कमाती हैं और दूसरों को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करती हैं। उनकी नौकरी करने से परिवार की आर्थिक स्थिति में भी सुधार हुआ।
3. हेमलता दीदी
हेमलता बालको के प्रोजेक्ट नई किरण का हिस्सा हैं, जिसका उद्देश्य माहवारी संबंधी भ्रांतियों एवं मिथकों को उजागर करना, माहवारी के दौरान स्वच्छता एवं प्रबंधन को विकसित करने और सुरक्षित प्रजनन तथा स्वास्थ्य सुनिश्चित करने के लिए माहवारी स्वास्थ्य प्रबंधन (एमएचएम) क्षमता निर्माण के माध्यम से उत्पाद विकल्पों के बारे में जागरूकता बढ़ाना है। प्रशिक्षण के तहत इस परियोजना ने उन्हें कपड़े के पैड सिलाई का कौशल हासिल करने में सक्षम बनाया। आज वह न केवल किशोरियों के बीच माहवारी के बारे में जागरूकता बढ़ाती हैं, बल्कि उन्हें कपड़े के पैड सिलाई का प्रशिक्षण भी देती हैं।
4. पद्मा राठिया
कोरबा के भटगांव क्षेत्र की निवासी पद्मा राठिया बालको की परियोजना मोर जल मोर माटी से जुड़ी एक सशक्त महिला किसान हैं। यह परियोजना मौजूदा संसाधनों के साथ सतही जल प्रबंधन में सुधार, सिंचाई सुविधाओं को बढ़ाने और वर्षा पर निर्भरता को कम करने के लिए बहु-फसल को बढ़ावा देने जैसी पहल के माध्यम से किसानों को समृद्ध करने पर केंद्रित है। पद्मा ने अपने क्षेत्र में वनस्पति और मूंगफली की खेती के लिए महिलाओं को एकजुट करने और प्रेरित करने में उल्लेखनीय प्रयास किया। उन्होंने गांव को कोरबा जिले में इन फसलों के अग्रणी उत्पादक के रूप में स्थापित किया है। पद्मा युवा महिलाओं को सब्जियों की खेती करने के लिए भी प्रोत्साहित करती हैं।
5. विजय लक्ष्मी सारथी
कोरबा जिले के संगमनगर निवासी विजय लक्ष्मी सारथी बी.ए. में स्नातक हैं। तलाक के बाद अपनी बुजुर्ग मां, पिता और बेटे सहित अपने परिवार की जिम्मेदारी संभालती हैं। बालको के प्रोजेक्ट उन्नति के तहत एक नैनो-एंटरप्राइज के माध्यम से टिफिन सेवाएं चलाने के लिए उनको प्रशिक्षण और संसाधन प्रदान किया गया। वर्तमान में वह अपने परिवार का भरण-पोषण करते हुए ₹12,000 से ₹15,000 की मासिक आय अर्जित करती हैं। बालको ने 12 उत्पादों के साथ 7 सूक्ष्म उद्यम इकाइयाँ स्थापित की हैं। प्रोजेक्ट उन्नति के तहत भित्ति कला, गोंकरा लोक कला, मिट्टी की मूर्तियाँ, छत्तीसा (स्थानीय व्यंजन), मशरूम और पेपर बैग आदि। यह परियोजना 534 स्वयं सहायता समूहों का समर्थन करती है जो समुदायों में 5700 से अधिक महिलाओं को प्रभावित करती है।
