कोरबा :-

कोरबा जिले में अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण एवं अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक कोरबा सिद्धार्थ तिवारी के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एवं अनुविभागीय अधिकारी पुलिस के मार्गदर्शन में थाना/चौकी स्तर पर लगातार प्रभावी कार्यवाही की जा रही है। इसी क्रम में “सजग कोरबा – सतर्क कोरबा” अभियान के तहत थाना सिविल लाइन रामपुर पुलिस द्वारा चोरी के प्रकरण में त्वरित कार्यवाही करते हुए 04 आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की गई है। चोरी हुए मामले मे प्रार्थी द्वारा थाना सिविल लाइन रामपुर में रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि अज्ञात व्यक्तियों द्वारा पीजी गवर्नमेंट कॉलेज परिसर स्थित निर्माणाधीन स्थल से केबल वायर चोरी कर लिया गया है। रिपोर्ट पर अपराध क्रमांक 339/2026 धारा 303(2) भारतीय न्याय संहिता का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए संदेहियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें आरोपियों द्वारा चोरी करना स्वीकार किया गया। आरोपियों के निशानदेही पर चोरी किया गया तांबा (केबल वायर) बरामद कर जब्त किया गया। पूछताछ में यह भी ज्ञात हुआ कि चोरी किए गए केबल का तांबा आरोपी पुरुषोत्तम देवांगन द्वारा खरीदा गया था, जिसके कब्जे से माल बरामद किया गया।उक्त प्रकरण में मुख्य आरोपियों के विरुद्ध धारा 303(2) भारतीय न्याय संहिता के अंतर्गत चोरी का अपराध पंजीबद्ध किया गया है। साथ ही चोरी की संपत्ति खरीदने वाले आरोपी पुरुषोत्तम देवांगन के विरुद्ध धारा 317(2) भारतीय न्याय संहिता के तहत वैधानिक कार्यवाही की गई है। प्रकरण में एक से अधिक आरोपियों की संलिप्तता पाए जाने पर धारा 3(5) भारतीय न्याय संहिता भी जोड़ी गई है। उक्त मामले गिरफ्तार आरोपीगण 1. गज्जू सांडु, उम्र 29 वर्ष, निवासी अटल आवास खरमोरा।2. चन्दन गुप्ता, उम्र 20 वर्ष, निवासी अटल आवास खरमोरा। 3. दिलचंद आदिले, उम्र 20 वर्ष, निवासी अटल आवास खरमोरा।4. पुरुषोत्तम देवांगन, उम्र 46 वर्ष, निवासी बुधवारी बाजार, गणेश पंडाल के पास (चोरी की संपत्ति खरीदने वाला)। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में प्रस्तुत कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।

पुलिस की अपील
कोरबा पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें, जिससे समय रहते उचित कार्यवाही कर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके।