कोरबा :-

समय-सीमा की बैठक में कलेक्टर ने अधिकारियों को दिए महत्वपूर्ण निर्देश

कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित समय-सीमा की बैठक में कलेक्टर कुणाल दुदावत ने कृषि विभाग को ग्राम पंचायतों में कृषि चौपाल लगाकर किसानों को योजनाओं की जानकारी प्रदान करने, एग्रीस्टेक पोर्टल में किसानों की जानकारी दर्ज करने, पीएम किसान सम्मान निधि से लाभान्वित कराने, खरीफ फसल, दलहन, तिलहन, पाम ऑयल, बागवानी की जानकारी देने तथा खाताधारक किसानों के केसीसी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कृषि चौपाल के आयोजन की जानकारी अधिक से अधिक किसानों को देने, उन्हें शासन की योजनाओं से लाभान्वित करने तथा पटवारियों की ड्यूटी लगाकर राजस्व से संबंधित समस्याओं के निराकरण के निर्देश दिए। श्री दुदावत ने ग्रीष्म ऋतु में भू-जल स्तर में गिरावट को नियंत्रित करने तथा सिंचाई हेतु पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने पंचायत, जल संसाधन, वन सहित अन्य विभागों को निर्देशित किया कि वे निर्मित जल संरचनाओं की जानकारी जलशक्ति/जलभागीदारी पोर्टल में अपलोड करना सुनिश्चित करें। उन्होंने इच्छुक किसानों को चिन्हित कर डबरी निर्माण की स्वीकृति देने, बिल्डरों की कॉलोनी एवं पीएम आवास आदि में रेन वाटर हार्वेस्टिंग पीट निर्माण को बढ़ावा देने तथा पोर्टल में जानकारी अपलोड करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर श्री दुदावत ने फ्लैगशिप योजनाओं की समीक्षा करते हुए प्रधानमंत्री कार्यालय, मुख्यमंत्री जनदर्शन, पीजीएन जनशिकायत, मानव अधिकार आयोग, कलेक्टर जनदर्शन से संबंधित लंबित प्रकरणों की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित विभागों को शीघ्र कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि लंबित पत्रों का परीक्षण कर गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए और संबंधित पक्ष को सूचित किया जाए।

ऑनलाइन एंट्री में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं

शासन के निर्देशानुसार सभी विभागों में आधार-फेस आधारित बायोमेट्रिक अटेंडेंस सिस्टम में ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करना अनिवार्य है। कलेक्टर ने सभी विभाग प्रमुखों को समय पर कार्यालय पहुँचने और अधीनस्थ कर्मचारियों की उपस्थिति सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन एंट्री में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। एनआईसी अधिकारी को प्रतिदिन की उपस्थिति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में कलेक्टर ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देशित किया कि स्वास्थ्य केंद्र (हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर) के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में शिविर लगाकर आयुष्मान, वयोवंदन कार्ड, आभा आईडी बनाने के साथ ही पर्याप्त चिकित्सकीय अमला की ड्यूटी लगाई जाए तथा सिकलसेल, गैर-संचारी रोग, डायबिटीज, हाइपरटेंशन की शत-प्रतिशत जांच सुनिश्चित की जाए। उन्होंने संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के भी निर्देश दिए। कलेक्टर ने नगरीय निकायों तथा जनपद पंचायतों को प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) तथा ग्रामीण आवास 2.0 के स्वीकृत सभी आवासों के कार्य प्रारंभ करने तथा प्रगतिरत आवास पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी को आपार आईडी की जानकारी प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए।
कलेक्टर ने सभी एसडीएम को अविवादित नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन सहित राजस्व प्रकरणों का समय-सीमा के भीतर निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने मसाहती ग्रामों के सर्वे, प्रारंभिक प्रकाशन तथा वन अधिकार पत्र अंतर्गत राजस्व प्रकरण दर्ज करने के निर्देश भी दिए। नगरीय निकायों तथा लीड बैंक मैनेजर को समन्वय बनाते हुए प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर-स्वनिधि अंतर्गत हितग्राहियों के ऋण फरवरी माह के अंत तक स्वीकृत करने के निर्देश दिए। साथ ही बंद हो चुकी योजनाओं के अंतर्गत बैंक खातों को बंद कराने के निर्देश भी दिए। इस दौरान निगम आयुक्त आशुतोष पांडेय, जिला पंचायत सीईओ दिनेश कुमार नाग, अपर कलेक्टर देवेंद्र पटेल सहित सभी अधिकारी उपस्थित रहे।

अवैध उत्खनन पर कड़ी कार्यवाही करें

कलेक्टर ने जिला स्तरीय टास्क फोर्स समिति की बैठक में कलेक्टर श्री दुदावत ने अवैध रेत, कोयला एवं अन्य खनिजों के उत्खनन को रोकने के लिए प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अवैध उत्खनन में लगे वाहनों को जब्त कर विधिक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। उन्होंने रेतघाटों के सीमांकन, सीमा चिन्हित करने, बोर्ड लगाने, वाहनों की निगरानी के निर्देश दिए। कलेक्टर ने एसडीएम को संयुक्त दल बनाकर प्रभावी कार्रवाई करने कहा।

पीएम सूर्यघर योजना में प्रगति नहीं होने पर सब इंजीनियर को नोटिस जारी करने के निर्देश

पीएम सूर्यघर योजना की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने विद्युत विभाग को प्रगति लाने तथा ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में इच्छुक हितग्राहियों को लाभान्वित करने के निर्देश दिए। उन्होंने लक्ष्य के अनुरूप प्रगति नहीं लाने वाले कटघोरा डिवीजन के चैतमा तथा कोरबा शहरी डिवीजन के दर्री जोन के सब इंजीनियरों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। साथ ही हितग्राहियों को योजना का लाभ लेने के लिए प्रेरित करने कहा।