कोरबा  :-

सुदूर वनांचल क्षेत्र नकिया और देवपहरी में निर्माण कार्यों का किया निरीक्षण

जिला पंचायत कोरबा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रतीक जैन ने जिले के सुदूर वनांचल क्षेत्र नकिया एवं देवपहरी का मैदानी दौरा कर विभिन्न विकास एवं निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। बारिश और दुर्गम परिस्थितियों के बावजूद वे ग्राम पंचायत बेला के आश्रित पहुंचविहीन गांव टापरा तक मोटरसाइकिल से पहुंचे और विकास कार्यों का स्थल पर जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी निर्माण कार्य स्वीकृत प्राक्कलन के अनुरूप गुणवत्तापूर्वक तथा निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किए जाएं। दौरे के दौरान श्री जैन ने टापरा में निर्माणाधीन प्राथमिक शाला भवन का निरीक्षण कर कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने बरसात के कारण प्रभावित नाला एवं मिट्टी कटाव वाले स्थलों का भी मोटरसाइकिल से पहुंचकर निरीक्षण किया तथा आवश्यक सुरक्षात्मक एवं स्थायी समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। सीईओ ने देवपहरी एवं नकिया क्षेत्र में निर्माणाधीन स्कूल भवन, आंगनबाड़ी केंद्र, पीएम जनमन आवास सहित विभिन्न विकास कार्यों का निरीक्षण किया। ग्राम पंचायत चुईया के भटगांव, देवपहरी के बरपानी तथा देवद्वारी में निवासरत पहाड़ी कोरवा परिवारों से आवास निर्माण में आ रही कठिनाइयों की जानकारी ली। उन्होंने सरपंच, सचिव एवं आवास समन्वयकों को हितग्राहियों को हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराते हुए आवास निर्माण शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान सीईओ ने लंबे समय से बंद एवं अधूरे पड़े निर्माण कार्यों को तत्काल पुनः प्रारंभ कर शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने गोबर गैस प्लांट एवं एफएसटीपी (फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट) का भी निरीक्षण कर संचालन एवं रखरखाव को बेहतर बनाने संबंधी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। दौरे के दौरान सीईओ ने आजीविका गतिविधियों से जुड़ी स्व-सहायता समूह की महिलाओं से संवाद किया। उन्होंने उत्पादों की गुणवत्ता, विपणन एवं आयवर्धन के उपायों पर चर्चा करते हुए महिलाओं का उत्साहवर्धन किया तथा आजीविका गतिविधियों का विस्तार करने के लिए प्रेरित किया।सीईओ श्री जैन ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत, एसडीओ आरईएस, कार्यक्रम अधिकारी वीबी-जी राम जी,बीसी आवास एवं तकनीकी अमले को सभी विकास कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक निर्माण कार्य गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं समयबद्धता के साथ पूर्ण होना चाहिए, ताकि दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों के लोगों को शासन की योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके।