कोरबा :-

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर 05 जून 2026 को जिले की सभी ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभा का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर ग्रामीणों को भारत सरकार द्वारा लागू ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 तथा इस संबंध में माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा जारी आदेशों एवं निर्देशों की विस्तृत जानकारी प्रदान की जाएगी। विशेष ग्राम सभा का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण एवं वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना है। ग्राम सभाओं के माध्यम से नागरिकों को स्रोत स्तर पर कचरे के पृथक्करण, संग्रहण एवं सुरक्षित निपटान की प्रक्रिया से अवगत कराया जाएगा तथा उन्हें स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण के निर्माण में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया जाएगा। नवीन नियमों के अनुसार प्रत्येक परिवार एवं संस्थान को कचरे का पृथक-पृथक संग्रहण करने हेतु प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके अंतर्गत हरे डिब्बे में गीला कचरा जैसे भोजन अवशेष, फल-सब्जियों के छिलके एवं अन्य जैविक अपशिष्ट, नीले डिब्बे में सूखा कचरा जैसे प्लास्टिक, कागज, कांच एवं धातु, लाल डिब्बे में सैनिटरी एवं घरेलू खतरनाक कचरा जैसे सैनिटरी पैड, डायपर एवं उपयोग की गई पट्टियां तथा पीले डिब्बे में विशेष कचरा जैसे बैटरी, सीएफएल, ई-वेस्ट एवं रसायनयुक्त अपशिष्ट रखने की जानकारी दी जाएगी। ग्राम सभा में खुले में कचरा फेंकने एवं जलाने से होने वाले पर्यावरणीय एवं स्वास्थ्य संबंधी दुष्प्रभावों, ग्राम स्तर पर कचरा संग्रहण एवं प्रसंस्करण व्यवस्था, बल्क वेस्ट जनरेटर की जिम्मेदारियों तथा स्वच्छ ग्राम निर्माण में जनसहभागिता की भूमिका पर भी विस्तारपूर्वक चर्चा की जाएगी। माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने स्वच्छ एवं स्वस्थ पर्यावरण को संविधान के अनुच्छेद 21 के अंतर्गत प्रदत्त जीवन के अधिकार का अभिन्न अंग मानते हुए ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष बल दिया है। न्यायालय ने स्थानीय निकायों, संस्थानों तथा नागरिकों को इन नियमों के पालन के लिए उत्तरदायी बताते हुए पर्यावरण संरक्षण को सामूहिक दायित्व के रूप में स्वीकार करने की आवश्यकता पर जोर दिया है । जिला प्रशासन एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री दिनेश कुमार नाग ने जिलेवासियों से विशेष ग्राम सभा में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होने की अपील करते हुए कहा है कि स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण से संबंधित नवीन नियमों की जानकारी प्राप्त कर उनके पालन में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जनसहभागिता से ही “स्वच्छ ग्राम – स्वस्थ ग्राम – समृद्ध ग्राम” के संकल्प को साकार किया जा सकता है।