कोरबा :
चुनावी दौर मे किये गए “मोदी की गारंटी” के वादे को याद दिलाने सडक पर उतरेगी फेडरेशन
चुनावी वादों को याद दिलाने के साथ मोदी की गारंटी को लेकर किये गए वादा खिलाफही को लेकर जिले एवं प्रदेश स्तर पर छत्तीशगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन 27 सितम्बर को करेगा विशाल धरना प्रदर्शन जिसकी जानकारी फेडरेशन के संयोजक के. आर. डहरिया ने जिले के तिलक भवन मे प्रेशवार्ता के दौरान पत्रकारों को सम्बोधित करते हुए कहाँ। प्रेस वार्ता मे श्री डहरिया ने बताया के छ.ग कर्मचारी अधिकारी फ़ेडरेशन द्वारा पूर्व भूपेश सरकार के समक्ष समस्त विभागों के कर्मचारी अधिकारी के हित से सम्बंधित कुछ मांगे रखी गई थी जिसे पिछले सरकार द्वारा विगत पांच सालो मे पूरा नही की गई, वही वर्ष 2023 मे विधानसभा चुनाव के दौरान भारतीय जनता पार्टी ने यह आश्वासन दिया था की यदि प्रदेश मे भाजपा की सरकार बनी तो पिछले सरकार से की गई मांगो जो पुरे नही हुए वह डबल इंजन की सरकार पूरा करेंगी “यह मोदी की गारंटी है “, पर लगभग दस महीने होने को है,और प्रदेश मे भाजपा की डबल इंजन की सरकार भी बन चुकी है पर जो चार मांगे रखी गई है जो निम्नानुसार है (1.जनवरी 2024 से 04 प्रतिशत लंबित महगाई भत्ता एवं जुलाई 2019 से अनियमित डी.ए. का एरियर कर्मचारी के जी.पी.एफ खाते मे समायोजन। 2. केंद्रीय कर्मचारियों के समान गृहभाड़ा भत्ता। 3. चार स्तरीय समयमान बेतनमान। 4. 240 के स्थान पर 300 दिनों का अवकाश नकदीकरण)को मोदी की गारंटी कहने वाली प्रदेश सरकार पूरा करने मे हो गई विफल। जिसे पुनः याद दिलाते हुए छ.ग कर्मचारी अधिकारी फ़ेडरेशन चार चरणों मे आंदोलन कर रही है। जिसमे शिक्षक, बाबू, पटवारी, तहसीलदार, डिप्टी कलेक्टर और सफाई कर्मी से लेकर शासकीय वाहन चालक तक शामिल हुए है। कर्मचारियों के हितों से सम्बंधित मांगो को लेकर पहले तीन चरणों मे शांति पूर्वक आंदोलन के माध्यम से मांग को सरकार के समक्ष रखी गई, अब चौथे चरण मे एक बार फिर 27 सितम्बर को जिला मुख्यालए मे विशाल धरना रैली कर कर्मचारी अधिकारी अपनी चार सूत्रीय मांग जिला प्रशासन के माध्यम से प्रदेश सरकार के समक्ष रखेगी। उन्होंने बताया के इस आंदोलन मे सभी विभागों के कर्मचारी एवं अधिकारी 27/09/2024 को एक दिवसीय हड़ताल पर रहेंगे। इस हड़ताल को सफल एवं ऐतिहासिक बनाने जिला एवं खंड संयोजको ने अपने अपने स्तर पर तैयारी पूर्ण कर ली है।
प्रदेश मे “मोदी की गारंटी”हुई पूरी तरह फेल, मूलभूत सुविधाओं तक को नही कर पाई पूरा
प्रेस वार्ता के दौरान महासचिव तरुण सिंह राठौर ने कहा के छत्तीशगढ़ प्रदेश मे “मोदी की गारंटी” पूरी तरह से फेल हो चुकी है। इस सरकार ने तो कर्मचारियों की मूल मांगे को तो दूर, डी.ए जैसे मूलभुत मांगों को भी अब तक पूरा नही कर पाई है। उन्होने कहाँ के चुनावी दौर के वक़्त “मोदी की गारंटी है” कहकर कर्मचारियों और अधिकारीयों से बहुत सारे वादे किये थे, साथ ही यह भी कहाँ था के केंद्रीय कर्मचारियों का जब जब डी.ए बढ़ेगा तब तब राज्य कर्मचारियों का भी डी.ए बढ़ाया जायेगा पर अब तक मूलभुत मांगो का सरकार द्वारा पूरा नही किये जाने से “मोदी की गारंटी” पर लगने लगा ? चिन्ह और चौथे बार प्रदेश सरकार को याद दिलाने के लिए एक बार फिर से कर्मचारियों और अधिकारीयों को उतरना पड़ रहा सड़कों पर।
सत प्रतिशत रैली मे उपस्थिति प्रदान करने की गई अपील
इस दौरान फेडरेशन के प्रवक्ता ओमप्रकाश बघेल ने जिले समस्त कर्मचारियों और अधिकारीयों को मीडिया के माध्यम से दिनांक 27/09/24 को धरना आंदोलन मे सतप्रतिशत उपस्थिति प्रदान करने की अपील की गई है।
