कोरबा :

बीती शाम तेज बारिश के होने से कुसमुंडा खदान क्षेत्र में एक बड़ा हादसा हो गया जिसमे एक अधिकारी की मृत्य हो गई है । बताया जा रहा है के कुसमुंडा खदान के ओव्हर बर्डन का काम गोदावरी नामक निजी कंपनी को दिया गया है। इस ओव्हर बर्डन काम का निरीक्षण के लिए चार अधिकारी शनिवार 27 जुलाई की दोपहर करीब 3 बजे गोदावरी फेस पर गए हुए थे। इनमें सीनियर अंडर मैनेजर के पद पर पदस्थ गोदावरी फेस इंचार्ज जितेन्द्र नागरकर भी शामिल थे। निरीक्षण के दौरान एकाएक बारिश शुरू हो गई तो इससे बचने के लिए चारों अधिकारी गुमटी में चले गए। करीब 4 से 4.30 बजे के बीच वे वहीं रुके रहे लेकिन बारिश नही थमने पर वे चारों ऊपर की ओर जाने के लिए निकले। तब तक तेज बारिश सुरू हो जाने के कारण खदान क्षेत्र में ऊपरी पानी का बहाव और दबाव बढने लगा था। जिससे खदान के ओल्ड केट फेस में भारी पानी आने की वजह से मिट्टी बहने लगी। इधर किनारे-किनारे चट्टानों का सहारा लेकर निकलने की जुगत में  दो अधिकारी तो सकुशल वहां से बाहर आ गए, लेकिन जितेन्द्र नागरकर व एक अन्य अधिकारी बहने लगे। जिसपर एक अधिकारी ने किसी तरह चट्टान को पकडक़र अपनी जान तो बचा ली लेकिन जितेंद्र नागरकर पानी और मिट्टी के बहाव में तेजी से नीचे संप की ओर  बह गए। इस घटना की जानकारी बाहर निकले अफसरों ने फौरन  एसईसीएल के उच्चाधिकारियों को दी जिसकी सूचना मिलने पर एसईसीएल के उच्च अधिकारी मौके पर पहुंच गए। प्रशासन व पुलिस के अफसरों को भी इस घटना जानकारी दी गई। जानकारी मिलने के बाद कुसमुंडा थाना की पुलिस व पुलिस के उच्च अधिकारी मौके पर पहुंचे। एसडीआरएफ की टीम को भी बिलासपुर से बुलाया गया और बहे अधिकारी जितेंद्र नागरकर की तलाश जारी सुरू की गई पर उनका कोई पता नहीं लग पा रहा था। काफी खोजबीन भर के बाद रविवार सुबह जितेंद्र नागरकर का शव बरामद किया गया है । मामले में दर्री सीएसपी रविंद्र मीणा ने बताया कि “चारों अधिकारी खदान में काम का निरीक्षण करने गए थे। इस दौरान तेज बारिश शुरू हो गई और पानी का तेज बहाव आने लगा। चारों अधिकारी एक दूसरे का हाथ थाम कर बाहर निकलने का प्रयास कर रहे थे। इस दौरान एक अधिकारी जितेंद्र नागरकर का हाथ छूट गया और वे पानी में बह गए। हमारी पुलिस की टीम के अलावा एसडीआरएफ की टीम द्वारा लगातार रेस्क्यू कर आज अल सुबह सहायक प्रबंधक(माइनिंग)जितेंद्र नागरकर का शव खदान के निचले क्षेत्र से बरामद किया गया है ।